कहीं किसी
ग़रीब का बच्चा
मर रहा है
,
कहीं कोई बेसहारा
सर्दी से ठिठुर
रहा रहा है
,
और मुझे जन्मदिन
मुबारक हो ?!
कितनो के अरमानो
कि चिताएँ जल
रही हैं ,
कहीं किसी कि
बेटी अनचाहे मन
से कुछ कर
रही है ,
और मुझे जन्मदिन मुबारक हो ?!
कोई पत्थर दिल कहीं
मासूम मुस्कुराते फूलों
को कुचल रहा
है ,
किसी के मन
में द्वेष तो
किसी के मन
में मलाल पल रहा
है ,
और मुझे जन्मदिन मुबारक हो ?!
जिन अस्मिताओं को जागना
था वो संसार
में आने से
पहले ही सो
चुकी हैं ,
जिन प्रतिभाओं को उत्कृष्ठ
होना था वो
भयावह तम में
खो चुकी हैं,
और मुझे जन्मदिन मुबारक हो ?!
जिन हौसलों को आसमान
छूना था वो
विकारों के चक्रव्यूह
में फंस चुके हैं
,
जिन ख़ूबसूरत पलों को
दिल में संजोना
था वो दलदल
में धंस चुके
हैं ,
और मुझे जन्मदिन मुबारक हो ?!
कहीं बूढ़ी आँखें
किसी की राह देखते
सुर्ख़ हो चुकी
हैं ,
कहीं नफरत की
आँधी
लहू के बीज
बो चुकी है
,
और मुझे जन्मदिन
मुबारक हो !
जहाँ प्यार
का
कोई मोल नहीं
,
जहाँ मिठास के दो
बोल नहीं ,
जहाँ हर
ज़बान खून की प्यासी है ,
जहाँ हर घर
में मायूसी कि
कोख़ में पलटी
उदासी है ,
जहाँ चमक धमक
के आगे सच्चाई हार जाती
है ,
जहाँ ईमान की
आवाज़ सिसक कर
रेह जाती है
,
जहाँ दोग़ले आदर्शों और
सिसकती सच्चाई के बीच
मंथन हो रहा
है ,
ऐ खुदा, क्या
ऐसी मक्कार दुनिया
में मुझे जन्मदिन
मुबारक हो ?!
Haan tab bui aapko janmdin mubarak ho balki jindagi ke har din mubarak ho. Mahsoos karenge jab khud ko mubarak, tabhi kar payenge doosro ke gam ko nadarad. Dekh ke is makkar duniya ko mayoos hona aasan hai magar sahas karke, khush rahke khushiyaan baatna hai mushkil. Kya raasta chunenge aap? Doosro ke dukh me dukhi hona ya doosro ke dukh ko khushi me badlna?
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